महामारी , एक बीमारी

वाह रेे महामारी,
तूने बहुत कुछ है सिखाया,
इंसानियत का अच्छा पाठ है पढ़ाया ।
कोई जान पे खेल कर दूसरों को बचा रहा,
तो कोई उनको ही मार रहा ।
कोई घर जाने को तरस रहा ,
तो कोई घर से बाहर जाने को तरस रहा ।
वक़्त और इंसान की कदर तब समझ आई
जब तेरी जैसी मुसीबत है पाई ।
सब गलियां सुनी सी हुई,
जब से तु मेरे देश आई ।
अब बहुत हुआ सताना,
जल्दी से यहां से जाना ।
अब ना चलेगा तेरा बहाना ,
हमारा देश हमें है  बचाना ।
देश की एकता तुझे दिखाएंगे,
तुझे हरा कर देश को जीताएगे ।

ज़िन्दगी में मिलती है बहुत सी खुशियां
पर न जाने क्यों हम गम ही देख पाते,
थोड़ी सी नाराजगी मे हमेशा रब को ही सताते,
कभी तो रब भी सोचता होगा कि क्यों बनाया उस शक्स को मैंने जिसे मुझसे बस शिकायत है रहती,
ए बंदे कभी सच्चे दिल से मांग के तो देख
उस रब के दर पर हर दुआ है कबूल होती ।

☺️

बेफिक्र सी हो गई हूं ,
अपनी कला को निखार रही हूं ।
बस यू ही मुस्कुरा कर ,
थोड़ी चित्रकारी कर रही हूं ☺️

फरिश्ते

रंगो भरी दुनिया हो गई
जब कुछ लोगो से मुलाकात हो गई
जैसे बरसात के बाद रैंबो है आता
वैसे ही उनसे गले लगते सुकून है मिल जाता
चाहे ज़िन्दगी में  खुशियां या गम है मिलता
उनका साथ हमेशा है रहता
कौन कहता है रिश्ते केवल खून के होते
अरे कुछ रिश्ते तो बस दिल से है बनते
कोई दोस्त , बहन  या मां की तरह अपना सा बन जाता
ये वही फरिश्ते है जो बस खुशियां ही देते बस खुशियां ही देते ❤️

सब्र

सब्र कर ए बंदे , ये वक़्त भी गुज़र जाएगा
खुशी से जी ये पल भी , कुछ तो नया सीख जाएगा।
ये ज़िन्दगी है जो इम्तेहान ले रही है
ये इम्तेहान भी तु पास कर जाएगा
रख हौसला , ये वक़्त भी तु पार कर जाएगा ।