एक परिंदा

पिंजरे में कैद रह के रास्ते खोज रहा था,
उड़ने से पहले पंख मजबूत कर रहा था।
थोड़ा फड़फड़ा रहा था तो थोड़ा घबरा रहा था,
ऊंची उड़ान भरने की कोशिश कर रहा था।
पिंजरा खुलते ही अपनी मंज़िल की और बढ़ रहा था,
अपने काफिले के साथ तेज़ हवा में भी उड़ान भर रहा था।

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