क्यों इतना सोच रहे हो तुम

कल क्या होगा क्या नहीं, क्यों इतना सोच रहे हो तुम,
आज में जीना क्यों भूल रहे हो तुम ।
किस्मत में क्या लिखा है क्या नहीं,  क्यों इतना सोच रहे हो तुम,
जो लिखा है वो तो हो कर रहेगा, क्यों अपनी चिंताएं बढ़ा रहे हो तुम ।
ख्वाब जो तुम बुन रहे हो वो पूरे होंगे या नहीं , क्यों इतना सोच रहे हो तुम,
अपनी ज़िन्दगी को एक जंग की तरह क्यों जी रहे हो तुम ।

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