महामारी , एक बीमारी

वाह रेे महामारी,
तूने बहुत कुछ है सिखाया,
इंसानियत का अच्छा पाठ है पढ़ाया ।
कोई जान पे खेल कर दूसरों को बचा रहा,
तो कोई उनको ही मार रहा ।
कोई घर जाने को तरस रहा ,
तो कोई घर से बाहर जाने को तरस रहा ।
वक़्त और इंसान की कदर तब समझ आई
जब तेरी जैसी मुसीबत है पाई ।
सब गलियां सुनी सी हुई,
जब से तु मेरे देश आई ।
अब बहुत हुआ सताना,
जल्दी से यहां से जाना ।
अब ना चलेगा तेरा बहाना ,
हमारा देश हमें है  बचाना ।
देश की एकता तुझे दिखाएंगे,
तुझे हरा कर देश को जीताएगे ।

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