ज़िन्दगी में मिलती है बहुत सी खुशियां
पर न जाने क्यों हम गम ही देख पाते,
थोड़ी सी नाराजगी मे हमेशा रब को ही सताते,
कभी तो रब भी सोचता होगा कि क्यों बनाया उस शक्स को मैंने जिसे मुझसे बस शिकायत है रहती,
ए बंदे कभी सच्चे दिल से मांग के तो देख
उस रब के दर पर हर दुआ है कबूल होती ।